Success Story of IAS Pradeep Singh : मजदूरी करने वाले का बेटा बना सबसे कम उम्र में IAS अफसर

Success Story of IAS Pradeep Singh : हमने IAS बनने के लिए कई कहानियां सुनी जो काफी प्रेरणादायक रही। ऐसी ही एक और कहानी हम आपके लिए लेकर आए हैं जो आपको प्रेरणा देगीं। ये कहानी है प्रदीप सिंह की जो एक आईएस ऑफिसर है।  हम सभी जानते है की आईएएस की एग्जाम भारत की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवा है ! इस के द्वारा आप समाज कल्याण के लिए अच्छे तरिके से भी काम कर सकते है व इस एग्जाम को पास करते समय आप विभिन्न प्रकार की चुनोतियो का सामना कर सकेंगे ! किन्तु आप को हार नहीं माननी है आप को अपने लिए अधिक से अधिक मेहनत करके इस एग्जाम को पास करना होता है |

Success Story of IAS Pradeep Singh

Success Story of IAS Pradeep Singh

Success Story of IAS Pradeep Singh

मजदूरी करने वाले का बेटा बना सबसे कम उम्र में IAS अफसर

मध्य प्रदेश के इंदौर में रहने वाले युवक ने अपने पहले ही प्रयास में आईएएस की एग्जाम को पास कर लिया हम बात कर रहे है इंदौर निवासी प्रदीप सिंह की एक छोटी सी आयु में अपने गृह राज्य को त्याग कर किसी अन्य राज्य में रहन वसेरा करने के उदेश्य से आये प्रदीप का परिवार शुरू से ही बहुत भारी विकट समस्या

का सामना करता रहा है ! आप को बता दे एक सभी समस्या में आर्थिक समस्या चरम पर थी उनके पास न अच्छे से अपनी जीविका चलाने के साधन थे न ही अपने बच्चे को पड़ने के स्त्रोत किन्तु फिर भी उनके परिवार ने कभी भी हार नहीं मानी ! उन्होंने अपने बालक को अच्छी शिक्षा दी तथा आईएएस अधिकारी बनाया |

UPSC IAS प्रदीप सिंह का प्रारभिक जीवन

प्रदीप सिंह का परिवार मूल रूप से बिहार का निवासी है वे लोग बिहार में गोपाल गंज वाले है वहा पर उनकी परिवारिक भूमि है ! जिसके माध्यम से वे अपना जीवन बसर करते थे हम आपको बता दे की उनके द्वारा अपने लिए अच्छे साधन का आभाव था ! उनकी दशा में बदलाव के लिए न होने के कारण व उन्होंने अपने बच्चे प्रदीप को शिक्षा के अच्छे अवसर की तलाश में इंदौर में आ कर रहना शुरू किया ! वे लोग बिहार में तो अपनी खेती की माध्यम से अपना जीवन यापन करते थे !

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Success Story of IAS Pradeep Singh

पिता कृषि करते थे व माता खेतो में काम किया करती थी किन्तु आज के समय में उनके पास ऐसे कुछ साधन नहीं थे ! प्रदीप सिंह के पिता ने इंदौर आ कर पेट्रोल पम्प पर नौकरी की तथा उनकी माता ने भी छोटे मोटे काम करने का भी प्रयास किया ! उनके समीप कई प्रकार की आर्थिक समस्या के साथ उन्हें स्वयं का घर भी खरीदना तथा इस लिए उन्होंने कुछ बिजनेश में भी हाथ आजमाया पर सफलता नहीं मिली | इसके बावजूद

में कामयाबी पाई |

अधिकारी शब्द से मिली प्रेरणा

IAS प्रदीप सिंह के माता पिता अपने लिए व प्रदीप के दिन रात मेहनत किया करते थे ! उन्हें किसी के द्वारा यदि सुनने में आता की उनका बेटा अधिकारी बन गया है तो उन्हें बहुत अच्छा लगता ! उनकी आखो में अलग सी चमक रहती व उन्होंने अपने बेटे को अधिकारी बनाने का निश्चय किया ! प्रदीप सिंह ने बचपन से ही अपना लक्ष्य बना लिया था की उसे आईएएस अधिकारी ही बनना है ! इस के लिए उसने अधिक मेहनत की एवं उस के परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण उन्होंने अपने लक्ष्य पर जयादा अच्छे से ध्यान दिया | Union Public Service Commision UPSC में जीत हासिल की |

आर्थिक विपत्ति के लिए बेचा उन्होंने अपना मकान

UPSC IAS प्रदीप सिंह के पिता जी ने उनकी स्टडी के लिए अच्छे अवसर मिले इस के लिए उन्होंने अधिक से अधिक प्रयास किया उन्होंने अपने पुत्र को सभी सुविधा प्रदान की ! हम आपको बता दे की उनहोंने प्रदीप सिंह को पड़ने के लिए अपने मकान को भी बेच दिया ! आप को बता दे की Union Public Service Commision प्रदीप सिंह ने अपनी पढ़ाई अटेम्प को अंतिम माना और उसने अधिक से अधिक मेहनत कर के साल 2018 में IAS Exam  को पास कर के 93 रेंक हासिल की व आपनी इस सफलता का सम्पूर्ण श्रेय अपने माता पिता को दिया |

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